विशेषता:
“Maulana Azad Central Library 20वीं सदी की शुरुआत में निर्मित एक स्थापत्य उत्कृष्ट कृति है। इस पुस्तकालय का मूल निर्माण 1908 में भोपाल की सुल्तान जहाँ बेगम द्वारा एक संग्रहालय के रूप में किया गया था। यहाँ विभिन्न भाषाओं में 100,000 से अधिक पुस्तकों का संग्रह है, जिनमें हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी, संस्कृत और फ़ारसी शामिल हैं, और यहाँ प्राचीन तथा पुरानी (विंटेज) पुस्तकों का एक अनोखा चयन भी उपलब्ध है। पुस्तकालय में दुर्लभ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टें तथा केस स्टडीज़ भी रखी गई हैं। मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करती है और आईएएस अधिकारियों तथा पूर्व अधिकारियों के साथ सेमिनार और संवादात्मक सत्रों का आयोजन करती है। पुस्तकालय में 9,000 से अधिक सदस्य हैं।
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2026 अपडेट: मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी में तीन मुख्य पठन कक्ष हैं, जहाँ प्रतिदिन लगभग 600 छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। संग्रह में लगभग 20,000 पुस्तकें प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित हैं। पुस्तकालय ने व्यक्तिगत अध्ययन स्थान प्रदान करने के लिए 32 केबिन-शैली अध्ययन कक्ष विकसित किए हैं। मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी शैक्षणिक समुदाय को जोड़ने के लिए नियमित रूप से सेमिनार, संवादात्मक सत्र और कार्यशालाओं का आयोजन करती है।”








