विशेषता:
“श्री विष्णुपद मंदिर एक प्राचीन दिव्य स्थान है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। मंदिर का एक समृद्ध इतिहास है, और ऐसा माना जाता है कि भगवान राम और देवी सीता ने इस पवित्र स्थल का दौरा किया था। मंदिर का नाम भगवान विष्णु के 40 सेमी के पैरों के निशान से लिया गया है, जिन्हें बेसाल्ट ब्लॉक पर छपे 'धर्मशिला' के नाम से जाना जाता है। इन पैरों के निशान भक्तों द्वारा पूजा की जाती है। मंदिर पारंपरिक मूल्यों और अनुष्ठानों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत में भी योगदान देता है। श्री विष्णुपद मंदिर अब फल्गु नदी के तट पर स्थित है। मंदिर में रामानुजाचार्य, चैतन्य महाप्रभु, माधवाचार्य और अन्य सहित कई संत आते हैं।
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2026 अपडेट: श्री विष्णुपद मंदिर हिंदू पौराणिक कथाओं में एक अंतिम गंतव्य है जो श्राद्ध और पिंडदान की रस्म परोसता है। प्रवेश नि: शुल्क है।”








