विशेषता:
“Dakshineswar Kali Temple गर्व से हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। मंदिर में सुंदर बंगाली वास्तुकला है और यह सांस्कृतिक महत्व में भी योगदान देता है। यह मंदिर तीन मंज़िला संरचना है जिसे 19वीं सदी की शुरुआत में बनाया गया था। जब भारत अभी भी ब्रिटिश शासन के अधीन था और ब्रिटिश द्वारा निर्धारित नियमों को अपनाने की कोशिश कर रहा था। पहले देशभक्ति की लहर ने बाराकपुर के बहादुर सैनिकों को जकड़ लिया, जो उसी नदी के किनारे रहते थे जहाँ बाद में दक्षिणेश्वर मंदिर का निर्माण हुआ, जिसने 1857 की सिपाही विद्रोह में योगदान दिया। Dakshineswar Kali Temple 25 एकड़ से अधिक भूमि में फैला है और पूरी दुनिया के व्यक्तियों का स्वागत करता है ताकि वे देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
2026 हाइलाइट्स: Dakshineswar Kali Temple का गरभ गृह, जिसे भवटारिणी कहा जाता है, शयनशील शिव के सीने पर स्थित है, और दोनों आकृतियाँ चाँदी से बने हजार-पंखुड़ी वाले कमल के सिंहासन पर रखी गई हैं।”








