विशेषता:
“शनिवार वाडा ने 18 वीं शताब्दी में वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। शुरुआत में पेशवाओं के निवास के रूप में डिज़ाइन किया गया यह आलीशान महल मराठा शिल्प कौशल के साथ मुगल स्थापत्य प्रभावों को दर्शाता है। जटिल नक्काशी और उत्कृष्ट डिजाइन शिवराम कृष्ण, देवाजी सुतार, कोंडाजी सुतार और मोरारजी पथरवत भोजराजा जैसे प्रसिद्ध कारीगरों के कौशल को उजागर करते हैं। एक जानकार मार्गदर्शक किले के इतिहास को जीवंत बनाता है, जिससे यात्रा और भी आकर्षक हो जाती है। किले में एक ध्वनि और प्रकाश शो भी आयोजित किया जाता है, जो इसके आकर्षण को बढ़ाता है। शनिवार वाडा इतिहास, वास्तुकला और संस्कृति के प्रति उत्साही लोगों के लिए एक अवश्य जाने योग्य गंतव्य है। इसकी भव्यता, सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बनाते हैं। आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग विकल्प उपलब्ध हैं। शनिवार वाडा
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2026 अपडेट: पांच द्वारों, नौ बुर्जों, चबूतरे और नींव के साथ किलेबंदी की दीवारें हैं। इस जगह पर विभिन्न पेंटिंग हैं जो हिंदू पौराणिक महाकाव्य रामायण और महाभारत के विभिन्न दृश्यों को प्रदर्शित करती हैं।”








